उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को सिंचाई की बढ़ती लागत से राहत देने और उनकी आय बढ़ाने के लिए “Solar Pump Subsidy Yojana 2025” लेकर आई है। यह योजना प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) के अंतर्गत शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को परंपरागत बिजली और डीजल से चलने वाले पंपों से मुक्ति दिलाकर सोलर एनर्जी की ओर ले जाना है।
इस योजना के तहत सरकार किसानों को 90% तक सब्सिडी दे रही है। छोटे किसानों को 90% और बड़े किसानों को 80% तक की सब्सिडी मिलेगी। यानी किसानों को केवल 10% से 20% तक की लागत ही खुद देनी होगी, बाकी खर्च सरकार उठाएगी। सब्सिडी की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
कैसे मिलेगा फायदा?
पहले किसानों को पंप की लागत का बड़ा हिस्सा पहले जमा करना होता था, लेकिन अब उन्हें केवल एक छोटी सी राशि जमा करनी होगी। उदाहरण के लिए:
- 2 हॉर्स पावर का पंप: कुल लागत ₹1.80 लाख, लेकिन किसान को केवल ₹18,000 देना होगा।
- 5 हॉर्स पावर का पंप: लागत ₹4.80 लाख, लेकिन किसान का हिस्सा सिर्फ ₹48,000 होगा।
- 10 हॉर्स पावर तक के पंप: लागत ज्यादा होगी लेकिन सब्सिडी ज्यादा मिलेगी।
इससे किसानों को महंगे सोलर पंप बेहद कम कीमत में मिल सकेंगे।
योजना से होंगे ये बड़े फायदे:
- सिंचाई की लागत में कमी आएगी
- डीजल और बिजली पर निर्भरता खत्म होगी
- खेती में उत्पादन बढ़ेगा
- किसानों की आमदनी बढ़ेगी
- पर्यावरण स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनेगा
आवेदन कैसे करें?
योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा:
- उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाएं
- “ऑनलाइन आवेदन” पर क्लिक करें
- फॉर्म में नाम, पता, जमीन की जानकारी, बैंक खाता आदि भरें
- दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन सबमिट करें
ध्यान दें: आवेदन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर होगा और चयन लॉटरी सिस्टम से किया जाएगा।
पात्रता और जरूरी दस्तावेज:
- खेत में बोरिंग होना चाहिए
- जमीन का स्वामित्व जरूरी
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- जमीन से जुड़े दस्तावेज
- बैंक पासबुक की कॉपी
- पासपोर्ट साइज फोटो
जल्द बढ़ेगी सब्सिडी दर:
फिलहाल किसानों को 60% तक सब्सिडी दी जा रही है, लेकिन जैसे ही कैबिनेट से मंजूरी मिलेगी, यह बढ़कर 90% तक हो जाएगी। इस फैसले के लागू होते ही किसानों को तुरंत इसका लाभ मिलेगा।
Solar Pump Subsidy Yojana 2025 किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है। यह योजना न केवल उनकी लागत कम करेगी, बल्कि उनकी आय भी बढ़ाएगी और पर्यावरण की सुरक्षा में भी मददगार होगी। अगर आप उत्तर प्रदेश के किसान हैं और अपने खेत में सोलर पंप लगवाना चाहते हैं, तो समय रहते आवेदन जरूर करें।